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18 जुलाई 2010 से प्रत्येक पोस्ट में उठाई गई समस्या के समाधान से संबंधित पोस्ट भी प्रकाशित की जाएगी! पहले पूर्व प्रकाशित समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया जाएगा! फिर एक सप्ताह के भीतर ही समस्या और उसके समाधान संबंधी पोस्ट प्रकाशित करने की योजना है! अपरिहार्य कारणवश ऐसा नहीं हो पा रहा है!

Font को देवनागरी लिपि में कैसे लिखना चाहिए?

कंप्यूटर और मोबाइल 
और 
इन पर इंटरनेट इस्तेमाल करनेवाले साथियों के लिए 
नीचे रोमन लिपि में टंकित किया गया शब्द 
बहुत जाना-पहचाना  है - 

Font
हिंदीभाषियों द्वारा इसे 
देवनागरी लिपि में भी ख़ूब लिखा जाता है! 
कभी ऐसे - फोंट 
या ऐसे - फोन्ट 
कोई ऐसे लिखता है - फांट
तो कोई ऐसे - फाँट
कुछ लोग ऐसे भी लिखते हैं - फॉन्ट
कुछ लोगों को ऐसे लिखना अच्छा लगता है - फान्ट
तो कुछ लोग ऐसे पसंद करते हैं - फाण्ट
किसी को ऐसे पसंद है - फोण्ट
तो किसी को ऐसे - फौंट 
कोई ऐसे भी लिख लेता है - फौन्ट
कोई ऐसे ही लिख पाता है - फॉण्ट 
कोई ऐसे भी लिख देता है - फ़ौण्ट 
ऐसे-ऐसे लोग भी हैं, जो फ़ौण्ट से ऊपर टंकित 
किसी भी वर्तनी में नुक़्ता लगाकर लिखते हैं; 
यथा - फ़ोंट, फ़ोण्ट, फ़ॉण्ट आदि! 
ऐसे अभी तक किसी ने नहीं लिखा - फौण्ट 
भविष्य में कुछ लोग ऐसे - फौण्ट 
या किसी अन्य नए प्रकार से लिखना प्रारंभ कर सकते हैं!
आज दिनांक : 28.12.2009 को दोपहर 12.20 से 01.00 बजे के बीच
गूगल खोज ने जो गवाही दी, वह इस प्रकार है -
शब्द : खोज परिणाम
फोंट : 17500
फ़ोंट : 786
फोन्ट : 7170
फ़ोन्ट : 586
फांट : 31300
फ़ांट : 226
फाँट : 14200
फ़ाँट : 55
फॉन्ट : 286000
फ़ॉन्ट : 145000
फान्ट : 2100
फ़ान्ट : 1270
फाण्ट : 1630
फ़ाण्ट : 105
फोण्ट :  932
फ़ोण्ट : 273
फौंट : 175
फ़ौंट : 5530
फौन्ट : 157
फ़ौन्ट : 9
फॉण्ट : 23400
फ़ॉण्ट : 614
फौण्ट : 0
फ़ौण्ट : 516

उक्त आँकड़े बता रहे हैं -
कुल 23 प्रकार के वर्तनी विशेषज्ञ इंटरनेट पर सक्रिय हैं
और इनकी संख्या में वृद्धि की पूरी संभावना है!

यह सब जानकर आप हिंदीभाषियों की सामर्थ्य का अनुमान लगा सकते हैं!
वैसे, आपको कैसा लग रहा है?
आप आज की चर्चा में कितनी भी जानकारी बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं!

मै केवल इतना ही जानना चाहता हूँ -
Font को देवनागरी लिपि में सबसे सही ढंग से कैसे लिखा जाना चाहिए?

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI  – (28 दिसंबर 2009 को 2:22 pm)  

मैं इंडिक ट्रांसलिटरेसन से हिंदी लिखता हूँ ....सो फॉण्ट आता है font लिखने पर ......| सही क्या है ...जानकार प्रसन्नता होगी |

संजय बेंगाणी  – (28 दिसंबर 2009 को 2:37 pm)  

अपुन को भी जानने का है.

राज भाटिय़ा  – (28 दिसंबर 2009 को 3:29 pm)  

मै तो वेसे ही बहुत गलतिया करता हुं, अब मै केसे बताऊं ? इन्तजार रहेगां.
धन्यवाद

रावेंद्रकुमार रवि  – (28 दिसंबर 2009 को 3:35 pm)  

भाटिया जी,
ऐसे काम नहीं चलेगा!
कोशिश तो करनी ही चाहिए!
सही सीखने के लिए
कुछ ग़लतियाँ होना भी बुरा नहीं होता है!

बी एस पाबला  – (28 दिसंबर 2009 को 7:48 pm)  

फॉन्ट
ही सही है
मेरे व्यक्तिगत मत में

बी एस पाबला

बेनामी  – (29 दिसंबर 2009 को 7:11 am)  

फॉण्ट सही है-संस्कृत के हिसाब से.
फ+ऑ+ अर्द्ध ण+ट
अनुस्वार की ध्वनि के लिए वर्णमाला का संगत पंचमाक्षर प्रयोग होता है - किसके पहले लग रहा है, उस हिसाब से.
वैसे फॉंट या फॉन्ट भी हिन्दी के प्रयोग के हिसाब से सही है.
जरा 'टिप्पणी' शब्द पर नजर डालें - 36 तरीक से लिखा मिलेगा:)
आप ने अच्छा किया जो ये बात कही.

बेनामी  – (29 दिसंबर 2009 को 7:12 am)  

ब्लॉग हेडर में आप ने शृंगार गलत लिखा है.
श्रृंगार होता है.कॉपी पेस्ट कर ठीक कर लीजिए.

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI  – (29 दिसंबर 2009 को 8:21 am)  

@बेनामी भैया !
काहे आफत मोल ले रहे हो?
"शृंगार" ही सही है बनिस्पत श्रृंगार के!!!!
बाकी तो राम जाने !!!!!

Suresh Chiplunkar  – (29 दिसंबर 2009 को 1:30 pm)  

बेनामी की इस बात से सहमत कि "फ़ॉण्ट" ही अधिक सही है, गूगल सर्च भी यही अधिक सही बता रहा है…

रावेंद्रकुमार रवि  – (29 दिसंबर 2009 को 4:11 pm)  

सुरेश जी,
कुछ देर पहले गूगल सर्च ने यह बताया है -
फॉन्ट : 286000
फ़ॉण्ट : 618

डा. श्याम गुप्त  – (30 दिसंबर 2009 को 4:23 pm)  

फॉण्ट = ट्रान्स्लिटरेश

फ़ोन्ट = ब्य हिन्दी -एन्ग्लिश टोगल----दोनों ही सही होने चाहिये

Harminder Singh  – (30 दिसंबर 2009 को 4:54 pm)  

फॉन्ट ही ज्यादा उचित लगता है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  – (2 जनवरी 2010 को 10:08 pm)  

व्याकरण के नियम से तो "फॉण्ट" ही लिखना चाहिए।

हृदय पुष्प  – (4 जनवरी 2010 को 12:39 pm)  

मेरे विचार में भी "फॉण्ट" ही सबसे सही है. रवि जी अच्छी जानकारी.

सुशान्त सिंहल  – (5 जनवरी 2010 को 1:18 pm)  

’फॉण्ट’ शब्द टाइप करने में थोड़ा अधिक कुंजियों का प्रयोग करना पड़ता है अतः आलस्यवश कुछ लोग अन्य वर्तनियां प्रयोग कर लेते हैं परन्तु ट से पहले न्‌ का प्रयोग त्रुटिपूर्ण माना गया है। अतः ’फॉन्ट’ का उपयोग उतना ही गलत है जितना ’इन्टर’ गलत है। अब सवाल रहा ’फ’ के ऊपर चन्द्राकार लगाने का। जो फोनेटिकली परफेक्शनिस्ट किस्म के जीव हैं वह लगाते हैं जो नहीं हैं वह "सब चलता है" नीति का अनुपालन करते हुए कुछ भी लगा लेते हैं। पर सबसे अच्छी बात यह है कि गूगल alternative spellings को भी शामिल करते हुए ढूंढ निकालता है अतः गूगल को सलाम !

सुशान्त सिंहल
www.thesaharanpur.com

रावेंद्रकुमार रवि  – (5 जनवरी 2010 को 2:56 pm)  

सुशांत जी,
आपकी टिप्पणी बहुत महत्त्वपूर्ण है!
गूगल के साथ-साथ आपको भी सलाम!

रावेंद्रकुमार रवि  – (5 जनवरी 2010 को 3:08 pm)  

". ... ... पर सबसे अच्छी बात यह है
कि गूगल alternative spellings को भी
शामिल करते हुए ढूंढ निकालता है,
अतः गूगल को सलाम!"

सुशांत जी,
सलाम के बाद यह कहना भी आवश्यक है कि
हिंदी के मामले में ऐसा होता नहीं है!

साक्ष्य के रूप में गूगल खोज के परिणाम
पोस्ट में उल्लिखित हैं!

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