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18 जुलाई 2010 से प्रत्येक पोस्ट में उठाई गई समस्या के समाधान से संबंधित पोस्ट भी प्रकाशित की जाएगी! पहले पूर्व प्रकाशित समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया जाएगा! फिर एक सप्ताह के भीतर ही समस्या और उसके समाधान संबंधी पोस्ट प्रकाशित करने की योजना है! अपरिहार्य कारणवश ऐसा नहीं हो पा रहा है!

"रंग" और "रँग" में से किसमें डूबें?

सभी लोग होली के रंग में डूबे हैं!
तन से न सही
मन से तो डूबे ही हैं!
चलिए होली के इस रंग के बहाने ही
"हिंदी का शृंगार" किया जाए!
आज इन दो शब्दों पर चर्चा करते हैं -
"रंग" और "रँग"
क्या इन दोनों में कुछ विशेष अंतर है?

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बिना गणित के देखिए : उड़न तश्तरी


आज मैंने डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक के ब्लॉग 
"मयंक" पर प्रकाशित पोस्ट  
उड़न तश्तरी की एक टिप्पणी पढ़ी -- 

शब्दों को मैं गिन सकूँ, यह मुझको नहिं आय ।
बिना गणित के देखिए, दोहा लिख नहिं पाय ।। 

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अपने देश में "राष्ट्रीय पाठ्यचर्या - 2005" के आलोक में
विषयों को एक-दूसरे से
जोड़ने की बात चल ही रही है! 

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उड़न तश्तरी की इस टिप्पणी ने
एक साथ गणित के कई सरल सवाल बनवा दिए! 
एक सरल सवाल आपके लिए भी है -- 

एक दोहे की मात्राओं के योगफल में से 
एक चौपाई की मात्राओं का योगफल घटाकर सबको बताइए!

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रवि मन : मेरा नया ब्लॉग

"रवि मन"










यह है - मेरे  नवेले ब्लॉग का सुनहरा नाम!
इस पर मैं स्वरचित  रचनाओं का प्रकाशन किया करूँगा!
मैं "रवि मन" पर स्वागत करता -
आप सभी मनमानों का,
मन में भरकर सरस मिठास!
मन से आइए 
और मन से पढ़िए - 
मेरी मन-भाती रचना - 

मुझको बता दो

--
आशा ही नहीं विश्वास है -
"सरस पायस" और "हिंदी का शृंगार" की तरह 
"रवि मन" को भी आपका स्नेह मन से  ही मिलेगा!
--
रावेंद्रकुमार रवि

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नवगीत की पाठशाला पर पढ़िए मेरे ताज़ा नवगीत : बौराए हैं बाज फिरंगी और कर पाएँगे नहीं नाज़

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सप्तरंगी प्रेम पर पढ़िए मेरे ताज़ा नवगीत : मेरा हृदय अलंकृत और ओ, मेरे मनमीत!

मेरी रचनाओं का शृंगार : रावेंद्रकुमार रवि

सृजनगाथा में प्रकाशित रावेंद्रकुमार रवि की लघुकथाएँ

१. भविष्य दर्शन

२. शेर और सियार

३. तोते ४. लेकिन इस बार

५. आदर्श

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