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18 जुलाई 2010 से प्रत्येक पोस्ट में उठाई गई समस्या के समाधान से संबंधित पोस्ट भी प्रकाशित की जाएगी! पहले पूर्व प्रकाशित समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया जाएगा! फिर एक सप्ताह के भीतर ही समस्या और उसके समाधान संबंधी पोस्ट प्रकाशित करने की योजना है! अपरिहार्य कारणवश ऐसा नहीं हो पा रहा है!

बिना गणित के देखिए : उड़न तश्तरी


आज मैंने डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक के ब्लॉग 
"मयंक" पर प्रकाशित पोस्ट  
उड़न तश्तरी की एक टिप्पणी पढ़ी -- 

शब्दों को मैं गिन सकूँ, यह मुझको नहिं आय ।
बिना गणित के देखिए, दोहा लिख नहिं पाय ।। 

------------------
अपने देश में "राष्ट्रीय पाठ्यचर्या - 2005" के आलोक में
विषयों को एक-दूसरे से
जोड़ने की बात चल ही रही है! 

------------------
उड़न तश्तरी की इस टिप्पणी ने
एक साथ गणित के कई सरल सवाल बनवा दिए! 
एक सरल सवाल आपके लिए भी है -- 

एक दोहे की मात्राओं के योगफल में से 
एक चौपाई की मात्राओं का योगफल घटाकर सबको बताइए!

संजय भास्कर  – (21 फ़रवरी 2010 को 1:01 pm)  

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

निर्मला कपिला  – (21 फ़रवरी 2010 को 1:20 pm)  

आप ही बता दीजिये इस मामले मे हम तो बिलकुल अनजान हैं धन्यवाद्

चंदन कुमार झा  – (21 फ़रवरी 2010 को 2:25 pm)  
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
चंदन कुमार झा  – (21 फ़रवरी 2010 को 2:44 pm)  
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
चंदन कुमार झा  – (21 फ़रवरी 2010 को 2:45 pm)  

चौपाई में चार चरण होते है और प्रत्येक चरण में 16 मात्राऐं होती है । अतः एक चौपाई में कुल 64 मात्राऐं हुई । दोहा के विषम अर्थात प्रथम और तृतिय चरणों में 13-13 और सम चरण अर्थात द्वितिय और चतुर्थ चरण प्रत्येक में 11-11 मात्राऐं होती है । अतः एक दोहा में कुल 48 मात्राऐं हुई ।

इसलिये,

एक चौपाई की मात्राओं का योगफल - एक दोहा की मात्राओं का योगफल

=64-48
=16

चंदन कुमार झा  – (21 फ़रवरी 2010 को 2:49 pm)  

भैया क्या मेरा उत्तर सही है ?

Udan Tashtari  – (21 फ़रवरी 2010 को 6:37 pm)  

अरे वाह! धन्यवाद!

चन्दन भाई तो सही गणित लगा गये. :)

राज भाटिय़ा  – (21 फ़रवरी 2010 को 6:53 pm)  

चलिये चन्दन भाई ने सही जबाब दे दिया वरना हमे तो आत ही नही था,वेसे भी यह बात तो कवि ही जानते होगे, बहुत सुंदर
धन्यवाद

दिगम्बर नासवा  – (21 फ़रवरी 2010 को 7:39 pm)  

ये जवाब तो हमको भी नही आता था .. शुक्रिया ..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  – (21 फ़रवरी 2010 को 8:19 pm)  

लीजिए मित्रो!
दोहा और चौपाई का गणित मैं ही आपको बता देता हूँ!

दोहा :--

प्रथम चरण में 13 मात्राएँ
द्वितीय चरण में 11 मात्राएँ
दोहे की पंक्तियाँ 2
कुल मात्राओं की संख्या 48

चौपाई :--

प्रथम चरण में 16 मात्राएँ
द्वितीय चरण में 16 मात्राएँ
चौपाई की पंक्ति 1
कुल मात्राओं की संख्या 32

जोड़-घटाव आप स्वयं कर लीजिए-
इससे अधिक गणित मैं जानता नही हूँ!

चंदन कुमार झा  – (21 फ़रवरी 2010 को 8:48 pm)  

सही उत्तर के लिये धन्यवाद शास्त्री जी । आभार

Udan Tashtari  – (22 फ़रवरी 2010 को 7:21 am)  

अच्छी जानकारी मिली शास्त्री जी.

श्याम कोरी 'उदय'  – (22 फ़रवरी 2010 को 8:08 am)  

....समझदारी की बातें,गणित,प्रश्न,उत्तर....प्रभावशाली अभिव्यक्ति !!

रंजन  – (22 फ़रवरी 2010 को 12:56 pm)  

यहाँ भी गणित.. समझनी होगी..

रावेंद्रकुमार रवि  – (22 फ़रवरी 2010 को 4:18 pm)  

रंजन भाई,
गणित के बिना तो कुछ भी संभव नहीं!

रचना दीक्षित  – (23 फ़रवरी 2010 को 12:42 pm)  

भईया, इस विषय में तो अपनी फ़ीस पहले से ही माफ़ थी और हिंदी अपना विषय कभी रहा नहीं सो बिलकुल अनभिज्ञ हूँ.

PADMSINGH  – (1 जुलाई 2010 को 8:00 am)  

मै देर से स्कूल आने वालों मे से हूँ...(था नहीं).. अब तो सब कुछ हो चुका है यहाँ ... तो एक जिज्ञासा ही रख दूँ ... दोहे मे तो मात्राओं की बंदिश होती है १३-११,१३-११ क्या गज़ल के शे'र मे भी मात्राओं की बंदिश होती है?

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