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18 जुलाई 2010 से प्रत्येक पोस्ट में उठाई गई समस्या के समाधान से संबंधित पोस्ट भी प्रकाशित की जाएगी! पहले पूर्व प्रकाशित समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया जाएगा! फिर एक सप्ताह के भीतर ही समस्या और उसके समाधान संबंधी पोस्ट प्रकाशित करने की योजना है! अपरिहार्य कारणवश ऐसा नहीं हो पा रहा है!

नमस्ते करें या नमस्कार




क्या निम्नांकित शब्दों के अर्थ अलग-अलग होते हैं? 

१. नमस्ते                २. नमस्कार


ग्रह और गृह : समाधान

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सोमवार, ३१ जनवरी २०११ को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी ♥ 
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क्या निम्नांकित शब्दों में कुछ अंतर होता है? 

१. ग्रह                २. गृह




 राज भाटिय़ा,  Patali-The-Village और सिद्धार्थ जोशी  

ने इस प्रश्न का सही उत्तर दिया! 


समाधान


जो पिंड किसी तारे की परिक्रमा करता है, 
 उसे कहते हैं : ग्रह! 

जैसे : तारे सूर्य की परिक्रमा करनेवाला ग्रह : पृथ्वी! 


ग्रह



मनुष्य जिस भवन में निवास करते हैं, 
उसे कहते हैं : गृह! 


गृह



ग्रह और गृह



क्या निम्नांकित शब्दों में कुछ अंतर होता है? 

१. ग्रह                २. गृह


रंग से रँग दिया तन, रँगो मन प्रणय से (समाधान)


- बुधवार, ३ नवम्बर २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट लगाई गई थी -

रंग से रँग दिया तन, रँगो मन प्रणय से

रंग से रँग दिया तन, रँगो मन प्रणय से!
उक्त पंक्ति किसी नवगीत का अंश हो सकती है!
आज हम इसके बहाने निम्नांकित शब्दों पर सही ढंग से
अनुस्वार बिंदु (ं) या अर्धचंद्र बिंदु (ँ) लगाने का प्रयास करेंगे
और इस प्रकार बननेवाले शब्दों के अर्थ भी बताएँगे -
रग, सग, भग, हस, वश, आजनेय, प्राजल, अचल, आचल,
माग, कप, काप, भाप, दत, दात, सबध, राध, रध्र, गाठ, डठल इत्यादि!

(: समाधान :)




बोलने पर जब केवल नाक से आवाज़ निकलती है,
तो अनुस्वार बिंदु (ं) लगाया जाता है
और जब नाक और मुँह दोनों से आवाज़ निकलती है,
तो अर्धचंद्र बिंदु (ँ) लगाया जाता है!

अब स्वयं बोलकर देखिए!

रंग, संग, भंग, हंस, वंश, आंजनेय, प्रांजल, अंचल,
आँचल, माँग, कंप, काँप, भाँप, दंत,
दाँत, संबंध, राँध, रंध्र, गाँठ, डंठल इत्यादि!


अर्थ बताना तो अभी भी आपके लिए ही छोड़ा जा रहा है!


रंग से रँग दिया तन, रँगो मन प्रणय से

रंग से रँग दिया तन, रँगो मन प्रणय से!
उक्त पंक्ति किसी नवगीत का अंश हो सकती है!
आज हम इसके बहाने निम्नांकित शब्दों पर सही ढंग से
अनुस्वार बिंदु (ं) या अर्धचंद्र बिंदु (ँ) लगाने का प्रयास करेंगे
और इस प्रकार बननेवाले शब्दों के अर्थ भी बताएँगे -
रग, सग, भग, हस, वश, आजनेय, प्राजल, अचल, आचल,
माग, कप, काप, भाप, दत, दात, सबध, राध, रध्र, गाठ, डठल इत्यादि!

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आँखों में उदासी क्यों है? (समाधान)

मंगलवार, १५ जून २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित की गई थी -

आँखों में उदासी क्यों है?

इस बार आपके अध्ययन के लिए कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं -
1. नत्थू पहलवान अपनी मूँछों में ताव दे रहे हैं।
2. पेड़ की डाल में फल लगे हैं।
3. वह नदी में तैर रहा है।
4. वह साइकिल से सड़क में गिर गई।
5. दुकान के कुछ कपड़े घर में रखे हैं।
6. आँखों में पट्टी बाँधकर मत दौड़ो!
7. पृष्ठ संख्या पच्चीस में उसका नवगीत छपा है!
8. आँखों में उदासी क्यों है?
क्या आपको ये सभी वाक्य सही लग रहे हैं?
आपका उत्तर हाँ में हो सकता है, पर इनमें से केवल दो ही सही हैं!
क्या आप बता सकते हैं कि इनमें से कौन से दो वाक्य सही हैं?
समाधान :
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सही वाक्य हैं :
3. वह नदी में तैर रहा है।
8. आँखों में उदासी क्यों है?
अन्य वाक्यों में "में" के स्थान पर "पर" होगा!
सही उत्तर देनेवालों को बधाई, जिनके नाम हैं :
रंजन, इंदु पुरी गोस्वामी और पद्मसिंह!
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महिला कवियित्री को मिला "प्रियदर्शिनी" पुरुस्कार (समाधान)

रविवार, १७ जनवरी २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी -

निम्नांकित वाक्य
एक में अनेक दिखाने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है -
"महिला कवियित्री सुश्री सरोज़ वाला को
अपनी कविता "श्रृंगार-बर्षा" के लिए
इस बर्ष का "प्रियदर्शिनी" पुरुस्कार दिया गया!"
क्या आप दिखा सकते हैं?
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सबसे पहले राज भाटिय़ा ने सुश्री सरोज़ वाला को बधाई देते हुए कहा -

बहुत सुंदर हमारी तरफ़ से बधाई उन्हे

१८ जनवरी २०१० १:३७ पूर्वाह्न


इसके बाद शरद कोकास ने व्यंग्य कसा -

पहले ही कवयित्री और उस पर से महिला ? वाह वाह । अरे भाई हमारे यहाँ की हिन्दी ऐसी ही है ।

उड़न तश्तरी का कथन भी व्यंग्यात्मक ही रहा -

अब क्या मीन मेख निकालें..पुरुस्कार तो मिल ही गया... :)

मुरारी पारीक ने कुछ त्रुटियाँ बताने का त्रुटिपूर्ण प्रयास किया -

कवियत्री सुश्री सरोज बाला ,वर्षा, प्रियदर्शनी पुरुष्कार!!

डॉ. श्याम गुप्त का प्रयास कुछ-कुछ सही था -

महिला= नहीं होना चाहिये, कवियित्री =कवयित्री, अपनी -नहीं होना चाहिये दूसरे की कविता पर थोडे ही मिलेगा ,वाला= बाला, श्रृंगार अशुद्ध है=शृंगार, पुरुष्कार = पुरस्कार , बर्षा = वर्षा, बर्ष= वर्ष, प्रियदर्शिनी पुरस्कार प्रिय दिखने के लिये मिला या कोई सन्स्था है ??

बबली और श्रद्धा जैन ने भी राज भाटिय़ा की तरह सरोज़ वाला को बधाई दी -

बहुत सुन्दर ! बधाई!

समाधान
डॉ. रूपचंद्र शास्त्री मयंक ने सही समाधान प्रस्तुत किया -

01. कवयित्री के साथ "महिला" नही होना चाहिए!
02. कवियित्री के स्थान पर
"कवयित्री" होना चाहिए!
03. सरोज़ में नुक्ता नही होगा, सही शब्द
"सरोज" है!
04. वाला के स्थान पर
"बाला" होना चाहिए!
05. अपनी के स्थान पर
"उनकी" होना चाहिए!
06. श्रृंगार के स्थान पर
"शृंगार" होना चाहिए!
07. बर्षा के स्थान पर
"वर्षा" होना चाहिए!
08. बर्ष के स्थान पर
"वर्ष" होना चाहिए!
09. प्रियदर्शिनी के स्थान पर
"प्रियदर्शनी" होना चाहिए!
10. पुरुस्कार के स्थान पर
"पुरस्कार" होना चाहिए!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक को हिंदी का सही शृंगार करने के लिए बधाई!

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