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18 जुलाई 2010 से प्रत्येक पोस्ट में उठाई गई समस्या के समाधान से संबंधित पोस्ट भी प्रकाशित की जाएगी! पहले पूर्व प्रकाशित समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया जाएगा! फिर एक सप्ताह के भीतर ही समस्या और उसके समाधान संबंधी पोस्ट प्रकाशित करने की योजना है! अपरिहार्य कारणवश ऐसा नहीं हो पा रहा है!

एक प्रश्न


क्या आप जानते हैं --

"हिंदी"

कौन सी भाषा का शब्द है ?


sidheshwer  – (14 सितंबर 2009 को 8:44 pm)  

सबसे पहले तो नए ब्लाग के वास्ते बधाई!

'हिंदी' या 'हिन्दी' शब्द हिन्दी भाषा का है.
अब अगर उसकी व्युत्पत्ति तक पहुँचने की कोई खास मुराद है , तो क्या कहें !

जो हिन्दी में है वह हिन्दी का है.

रावेंद्रकुमार रवि  – (14 सितंबर 2009 को 10:31 pm)  

आदरणीय सिद्धेश्वर जी!
नए ब्लॉग पर
पहली बधाई
और
पहली टिप्पणी के लिए
हार्दिक धन्यवाद!
आभारी हूँ!

ACHARYA RAMESH SACHDEVA  – (14 सितंबर 2009 को 10:52 pm)  

आज के दिन का शानदार तोहफा।
हार्दिक बधाई।
इस ब्लाॅग में भी आप कुछ अनूठा करेंगे ऐसा विश्वास है।
हमारी प्यास को बुझाने का आपके पास इलाज़ है।
यह सेवा देश की सेवा है।
नेताओं की तरह 14 सितम्बर को हिन्दी नहीं यहां हर
दिन 14 सितम्बर है।
सफलता आपके कदम चूमे।

रावेंद्रकुमार रवि  – (14 सितंबर 2009 को 11:30 pm)  

आदरणीय आचार्य जी!
मनोबल बढ़ाने के लिए आभारी हूँ!

चंदन कुमार झा  – (15 सितंबर 2009 को 3:52 am)  

भैया नया ब्लाग शुरु करने के लिये अनेक-अनेक शुभकामनायें । आशा है यहाँ आकर बहुत सी बातें सीखने को मिलेगी । आभार ।

Udan Tashtari  – (15 सितंबर 2009 को 3:57 am)  

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

कृप्या अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य का एक नया हिन्दी चिट्ठा शुरू करवा कर इस दिवस विशेष पर हिन्दी के प्रचार एवं प्रसार का संकल्प लिजिये.

दिनेश कुमार माली  – (15 सितंबर 2009 को 7:50 am)  

हिंदी हिन्दू शब्द की उत्पति है. हिन्दू शब्द फारसी है जिसका अर्थ होता है काफिर. अतः हिंदी का मतलब हुआ काफिरों की भाषा . यह मेरा पुस्तकीय ज्ञान है.कृपा विशेष जानकारी दें .

रावेंद्रकुमार रवि  – (15 सितंबर 2009 को 2:40 pm)  

माली जी!
अपने पुस्तकीय ज्ञान का संदर्भ देने की कृपा कीजिए!

नीरज शर्मा  – (15 सितंबर 2009 को 3:00 pm)  

मेरी जानकारी में तो यह प्राकृत भाषा से उत्‍पन्‍न हुआ है हो सकता है माली जी के पास मुझसे और अधिक बेहतर जानकारी हो।

नीरज शर्मा  – (15 सितंबर 2009 को 3:09 pm)  

और ये लि‍जिये मेरी जानकारी को और अधिक पुख्‍ता करने के लिये विकिपिडिया का संदर्भ लिंक http://en.wikipedia.org/wiki/Hindi

नारदमुनि  – (16 सितंबर 2009 को 6:46 am)  

bhasa to hindi hai. lekin hindi me comment likhane nahi aate. aate to hindi me hee likhta.narayan narayan

संगीता पुरी  – (16 सितंबर 2009 को 7:08 am)  

स्‍वागत है आपका ..हिन्‍दी के प्रति आपकी भावना बहुत अच्‍छी लगी .. नियमित बने रहें .. शुभकामनाएं !!

aruna kapoor 'jayaka'  – (16 सितंबर 2009 को 11:13 am)  

Vyangya ke jariye aapne achchha prashna poochha hai, swaagat hai!

Amit K Sagar  – (16 सितंबर 2009 को 4:12 pm)  

ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है. आपको पढ़कर बहुत अच्छा लगा. सार्थक लेखन हेतु शुभकामनाएं. जारी रहें.


---
Till 25-09-09 लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] - होने वाली एक क्रान्ति!

अनुनाद सिंह  – (16 सितंबर 2009 को 6:36 pm)  

नये ब्लाग के साथ आपका स्वागत है।

नरेंद्र कुमार  – (17 सितंबर 2009 को 10:46 am)  

Dear Ravi

AAP KE NAY BLOG AARAMBH KARNE KE LIYE BADHAI, HINDI PERSIAN BHASHA KA SHABD HAI. ISKI RANG ROOP AUR SAJSAJJA SUNDAR HAI. PARSHNO KE MADHYAM SE GYAN PRASAR KA UTKARSH PRAYAS ..

NARENDRA KUMAR
PAHRMACOKINETICS AND METABOLISM
CENTRAL DRUG RESEARCH INSTITUTE
LUCKNOW

दिनेश कुमार माली  – (17 सितंबर 2009 को 8:46 pm)  

राघवेन्द्र कुमार रविजी ,आप आर्य समाज की पुस्तक "सत्य-धर्म प्रकाश" देखें .इसीमे हिन्दू शब्द पर काफी विवेचना की गई है . फिलहाल यह पुस्तक मेरे पास उपलब्ध नहीं है . मिल जाने पर आपको विस्तृत जानकारी दे दूंगा.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  – (20 सितंबर 2009 को 7:11 am)  

"हिन्दी" शब्द तो फारसी भाषा का ही है। परन्तु लिपि देवनागरी होने के कारण 'हिंदी' या 'हिन्दी' शब्द हिन्दी भाषा का बन गया है।

रावेंद्रकुमार रवि  – (21 सितंबर 2009 को 7:12 pm)  

आदरणीय शास्त्री जी की टिप्पणी ने एक नए प्रश्न को जन्म दिया है -

क्या किसी भाषा (यहाँ फारसी) के शब्द को किसी अन्य भाषा (यहाँ हिंदी) की लिपि (यहाँ देवनागरी) में लिखने से वह शब्द उस अन्य भाषा का शब्द बन जाता है?

इस संबंध में यह बात भी उल्लेखनीय है कि कुछ अन्य भाषाएँ भी देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं!

Nirmla Kapila  – (21 सितंबर 2009 को 7:20 pm)  

नये बलाग के लिये शुभकामनायें बाकी यहाँ सभी विदुआन हैं मै तो अपनी जानकारी बढा रही हूँ आभार्

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक  – (21 सितंबर 2009 को 7:27 pm)  

हिन्दी शब्द तो फारसी की ही देन है।
इससे पहले तो देववाणी ही थी।

रावेंद्रकुमार रवि  – (21 सितंबर 2009 को 7:44 pm)  

अनुरोध -
शास्त्री जी अगर "देववाणी" के बारे में विस्तार से बताएँ, तो सभी का भला होगा!

क्रिएटिव मंच  – (21 सितंबर 2009 को 10:57 pm)  

आपका स्वागत है
शुभकामनाएं


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चैम्पियन C.M. Quiz में |
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क्रियेटिव मंच

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’  – (23 सितंबर 2009 को 6:36 pm)  

मेरी समझ से दिनेश कुमार माली जी ने सही जानकारी दी है।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'  – (29 सितंबर 2009 को 3:57 pm)  

नया चिटठा प्रारंभ होने पर शुभ कामनाएँ.

एक मत के अनुसार फारसी में 'स' का उच्चारण ' ह' तथा 'ध' का उच्चारण 'द' ही जाता है. इसलिए 'सिन्धु' फारसी में 'हिंदु' हो गया. इसी तरह 'मातृ-मातर-मादर-मदर', 'पितृ-पितर-फिदर-फादर', 'भ्रातृ-बिरादर-ब्रदर' आदि शब्द विकसित हुए.
सिन्धु नदी के दक्षिण के भूभाग को फारसियों ने हिंद कहा. खुसरो ने हिंद में बोली जाने वाली मिश्रित भाषा को 'हिन्दवी' कहा. देश में अलग-अलग समय में प्रचलित विविध बोलियों का संस्कृत के व्याकरण, शब्दों तथा पिंगल से मेल होकर वर्तमान हिंदी बनी. अतः:, हिंदी न तो फारसी का शब्द है, न उर्दू का. यह शुद्ध हिंदी शब्द है जो 'हिन्दवी' से विकसित हुआ. पुरानी खड़ी बोली से ही आज की 'हिंदी' विकसित हुई है.

रावेंद्रकुमार रवि  – (29 सितंबर 2009 को 9:55 pm)  

आदरणीय सलिल जी!
हिंदी के लिए आपका यहाँ आना शुभ हुआ!
आपकी महत्त्वपूर्ण और सारगर्भित टिप्पणी के लिए
हम सब आपके आभारी हैं!
इसे पढ़कर लगा कि
वास्तव में "हिंदी का शृंगार" हो गया!

दिनेश कुमार माली  – (7 अक्तूबर 2009 को 3:06 pm)  

हिंदी शब्द की उत्त्पति के बारे में आज मुझे ब्लॉगवाणी पर एक लिंक मिला.
अवलोकन करें :-
http://hindisahityamanch.blogspot.com/2009/10/blog-post_06.html

रावेंद्रकुमार रवि  – (7 अक्तूबर 2009 को 3:12 pm)  

दिनेश भाई!
इस महत्त्वपूर्ण लिंक के लिए हम आपके आभारी हैं!
यहाँ इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध है!

रावेंद्रकुमार रवि  – (15 नवंबर 2009 को 11:24 pm)  

निम्नांकित कड़ी पर -

हिन्दी के बारे में विभिन्न महापुरुषों के वचन

हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि के बारे में
बहुत महत्त्वपूर्ण विचारों का कोश उपस्थित है!

MAYUR  – (17 जून 2010 को 9:24 pm)  

आप किस नतीजे पर पहुंचे
फ़ारसी , हिन्दवी , या प्राकृत

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