दूध वाला आने ही वाला था! (समाधान)
रविवार, २७ जून २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी -
दूध वाला आने ही वाला था!
रविवार, २७ जून २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी -
दूध वाला आने ही वाला था!
हम भी उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं महत्त्व , उज्ज्वल...यही दो दिख रही हैं बज़ से ही प्रवीण त्रिवेदी ने बताया - मंगलवार, १३ जुलाई २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी -
उज्जवल भविष्य की कामना
सबसे= सब से
उज्जवल =उज्वल
की=किया
तुमने=तुम ने
क्या मै ठीक हूँ ...?? 13 Jul 2010
उज्जवल=उज्ज्वल 13 Jul 2010
बस एक प्रश्न का उत्तर ना तब आया ना आज तक कही मिला.
उन्होंने पूछा था -'पुरानी हिंदी' के लेखक कौन है?'
मैंने कई हिंदी के विद्वानों से पूछा पर आज तक जवाब नही मिला. 14 Jul 2010
1. चीत्कार - चित्कार - कानाफूसी ? फिर मेल द्वारा प्राप्त नीलम मिश्रा के संदेश को भी मैंने टिप्पणी के रूप में प्रकाशित कर दिया - बज़(Buzz) पर पद्म सिंह ने भी अपना अन्दाजिफिकेशन कुछ इस तरह पेश किया - चीत्कार = गहन मौन रावेन्द्र कुमार जी अगर मेरी बात को अन्यथा न लें तो कुछ कहना चाहूंगी.मंगलवार, ६ जुलाई २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट प्रकाशित हुई थी -
जंगली का विलोम क्या हो सकता है?
2. खंडन - मंडन
3. उत्कर्ष - अपकर्ष
4. ऋणी - उऋण
5. जंगली -सभ्य
1)नहीं पता
२)मंडन
३)अपकर्ष
४)उरिणी
५)सभ्य
प्रयास है देखिये
चीत्कार- सीत्कार
खंडन- मंडन
उत्कर्ष- अपकर्ष
ऋणी - उऋणी
जंगली - सभ्य 6 Jul 2010
खंडन = मन्डन
उत्कर्ष = अपकर्ष
रिणी = दाता, रिणदाता, साहूकार,
जंगली = सभ्य, शहरी,नागरिक, पालतू
कहूँ क्या ?????.आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है आपके पूछे हुए प्रशन भी अच्छे लगते हैं पर सही जवाब क्या है वो पता नहीं लगता है. क्या आप ऐसा नहीं कर सकते की जब नई पोस्ट डालें तो पहले पुरानी पोस्ट का सही जवाब लिख दें. अगर आप किसी कारणवश ऐसा नहीं करते हैं तो क्या आप मुझे सही जवाब मेल कर सकते हैं मेरी भाषा सुधरने के लिए
बहुत बहुत आभार
रचना जी को धन्यवाद और अन्य प्रतिभागियों को उनके हिस्से की बधाई के साथ सही समाधान प्रस्तुत किया जा रहा है - 1. चीत्कार का विलोम = सीत्कार
2. खंडन का विलोम = मंडन
3. उत्कर्ष का विलोम = पराभव
4. ऋणी का विलोम = उऋण
5. जंगली का विलोम = पालतू -------------------------------------------------------------------------------------------------------------- साथ में एक बात और :
जंगल में रहनेवाले असभ्य नहीं होते,
उन सबकी भी अपनी-अपनी अति विशिष्ट सभ्यताएँ होती हैं!
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आपने ठीक ही तो सजा रखे हैं .....!! रावेंद्रकुमार रवि जी! विद्वान लोग सजायें हम तो बस सजा हुआ देखना चाहते हैं। आप परिक्षा लेना चाहते है तो अलग बात है वरना गूगल के वैज्ञानिक एवं तकनीकी हिन्दी समूह पर जाएं. जी मेरा फ़िलवक़्त परीक्षा देने/लेने का विचार नहीं है।सोमवार, ११ जनवरी २०१० को "हिंदी का शृंगार" पर यह पोस्ट लगाई गई थी -
कुछ शब्दों को कोश में वर्णक्रम के अनुसार सजाने का प्रयास
आपने तो चक्कर में ही डाल दिया!
सभी 11 शब्द सही क्रम में ही लगा रखे हैं।
हिन्दी के प्रचार व प्रसार में
आपके योगदान की सराहना करता हूँ!
क्षमा करेंगे।
आज बस इतना ही करना है – नीचे लिखे दो शब्दों में से एक सही शब्द चुनकर उसके बारे में कुछ बताना है – पहला शब्द : मधू दूसरा शब्द : वधु- सोमवार, ८ मार्च २०१० को "हिंदी का शृंगार" करने के लिए यह पोस्ट लगाई गई थी -
“पता नही जी कोन सा शव्द सही है , लेकिन हमारे पास मधू बधू दोनो ही है”
तब रावेंद्रकुमार रवि यानि मैंने उनसे पूछा–
राज भाटिय़ा ने बहुत प्यार से बताया –
“रावेंद्रकुमार रवि जी गलत ना समझे मधू यानि शहद मिट्ठास,ओर बधू यानि बीबी, यानि हमे एक पत्नी मै ही दोनो गुण मिल गये :)”
इसके बाद वीनस केसरी ने बताया –
“मधु वधू शब्द सही है“
ज्योति सिंह ने कहा – “मुझे तो मधु सही लग रहा शायद मीठा होता है,वैसे मैं दुविधा में पड़ गयी लगता है इस कक्षा में रोज शामिल होना पढ़ेगा”
डा. श्याम गुप्त ने भी कहा – “मधु वधू”
राकेश कौशिक ने पूरे विश्वास के साथ अपनी बात रखी –
“मुझे भी "मधु वधू" सही लग रहा है”
इसके लगभग साढ़े तीन महीने बाद पद्म सिंह ने कुछ समझाकर बताया–
बहुत प्रसन्नता की बात है कि
सभी टिप्पणीकर्त्ताओं ने सही उत्तरदिए! सभी को बहुत-बहुत बधाई!
- समाधान -
समस्या में दिए गए दोनों शब्द ग़लत थे!
पद्म सिंह को विशेष रूप से बधाई!
उन्होंने सबसे सही ढंग से उत्तर दिया -
शहद के लिए मधु ठीक शब्द है!
बहू के लिए वधू ठीक शब्द है!
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| आओ, मन का गीत रचें! |
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नवगीत की पाठशाला पर पढ़िए मेरे ताज़ा नवगीत : बौराए हैं बाज फिरंगी और कर पाएँगे नहीं नाज़
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सप्तरंगी प्रेम पर पढ़िए मेरे ताज़ा नवगीत : मेरा हृदय अलंकृत और ओ, मेरे मनमीत!"नवगीत की पाठशाला" में पढ़िए मेरे नवगीत –
“सृजनगाथा में प्रकाशित रावेंद्रकुमार रवि की लघुकथाएँ –
१. भविष्य दर्शन
२. शेर और सियार
३. तोते ४. लेकिन इस बार
५. आदर्श
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